SCO full form - शंघाई सहयोग संगठन(SCO)

SCO full form ; what is the full form of SCO?

  • SCO full form in english - Shanghai Cooperation Organisation 
  • SCO full form in हिंदी - शंघाई सहयोग संगठन (SCO)
  • मुख्यालय - बीजिंग, चीन

SCO क्या है?

  • चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान "शंघाई फाइव' के नाम से 1996 जुड़े।
  •  उज्बेकिस्तान 2001 में सदस्य बना और संघठन का नाम शंघाई सहयोग संगठन हो गया।
  • भारत और पाकिस्तान 2017 में सदस्य बने।
  • एक स्थायी अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संस्था है
इसके दो स्थाई महत्त्वपूर्ण निकाय है
1 सचिवालय - बीजिंग (चीन)
2 Executive Committee of the regional anti terrorist structure (RATS)- ताशकंद (उज्बेकिस्तान)

Shanghai Cooperation Organisation - SCO

  • यह राजनीतिक, आर्थिक और सैनिक संगठन है जिसकी स्थापना 2001 में शंघाई में चीन कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के नेताओं ने मिलकर की थी। इसका मुख्यालय बीजिंग में है।
  • साल 1996 में रूस, चीन, ताजिकिस्तान, कजाकस्तान और कि्गिस्तान जैसे देशों ने आपसी तालमेल और सहयोग को लेकर सहमत हुए थे और तब इस शंघाई-5 के नाम से जाना जाता था। फिर चीन, रूस और चार मध्य एशियाई देशों कजाकस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान के नेताओं ने जून 2001 में इस संगठन की शुरुआत की थी।
  • एससीओ आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी तथा साइबर सुरक्षा के खतरों आदि पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करके आतंकवाद विरोधी और सैन्य अभ्यास में संयुक्त भूमिका निभाने का मंतव्य रखता है। यह संगठन विश्व की 40 प्रतिशत आबादी प्रतिनिधित्व करता है।
  • सितंबर 2014 में भारत ने शंघाई सहयोग संगठन की सदस्यता के लिए आवेदन किया। रूस के उफ़ा में भारत को शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य का दर्जा मिलने का ऐलान 2015 में हुआ। 
  • उफा में हुए सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ दोनों मौजूद थे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए भारत और पाकिस्तान की सदस्यता मंजूर करने की घोषणा की थी।
  • 09 जून 2017 को भारत और पाकिस्तान को भी औपचारिक तौर पर अस्ताना में आयोजित शिखर सम्मेलन मे संगठन का सदस्य बनाया गया।
  • शंघाई सहयोग संगठन का 2019 में सम्मेलन में किर्गिस्तान के राजधानी बिश्केक में हुआ जून 2020 में इसका आयोजन रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में प्रस्तावित है।

sco का उद्देश्य -

  • इसका उद्देश्य सदस्यों के मध्य आपसी विश्वास को मजबूत करना
  • ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण आदि विषयों पर सहयोग विकसित करना

sco के सदस्य

इसके कुल 8 सदस्य हैं
1 कजाखिस्तान
2 चीन
3 किर्गिस्तान
4 रूस
5 ताजिकिस्तान
6 उज्वेकिस्तान
7 भारत (जून 2017 में सदस्यता प्राप्त)
8 पाकिस्तान (जून 2017 में सदस्यता प्राप्त)
डायलॉग पार्टनर

  • अजरबेजान,
  • अर्मेनिया,
  • कम्बोडिया,
  • नेपाल,
  • टर्की,
  • श्रीलंका
ऑब्जर्वर स्टेट
  • अफगानिस्तान,
  • बेलारूस,
  • ईरान,
  • मंगोलिया

SCO की पहल -

  • 26 अक्टूबर 2005 को sco इंटरबैंक कंसोर्टियम की स्थापना हुई
  • सदस्य राज्यों के निवेश कार्यक्रमों में सहायता करना शुरू किया

शंघाई सहयोग संगठन के महासचिव ब्लादिमीर नोरो

  • शंघाई सहयोग संगठन के महासचिव ब्लादिमीर नोरो ने नई दिल्ली में विदेशमंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। ब्लादिमीर नोरो ने शंघाई संगठन में शासनाध्यक्षों की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए भारत की तैयारियों की समीक्षा की है।
  • भारत पहली बार इस साल एससीओ के सदस्य देशों के प्रमुखों की बैठक की मेजबानी करने जा रहा है यह मुख्य सम्मलेन के बाद की दूसरी सबसे बड़ी मुलाक़ात है।
  • इस बैठक में जयशंकर ने सदस्य देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शंघाई सहयोग संगठन की सराहना की है।
  • शंघाई सहयोग संगठन महासचिव नोरो रायसीना डायलॉग 2020 में भाग लेने के लिए चार दिवसीय यात्रा पर आये हुए हैं, जो 14 से 16 जनवरी तक नई दिल्ली में आयोजित की जानी है।

रायसीना डायलॉग

  • विदेश मंत्रालय के सहयोग से थिंक-टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित, रायसीना डायलॉग एक बहुपक्षीय सम्मेलन है। जो वैश्विक समुदाय के सामने सबसे चुनौतीपूर्ण मुद्दों को संबोधित करने के लिए प्रतिबद्ध है ।
  • रायसीना डायलॉग का मुख्य उद्देश्य एशियाई एकीकरण के साथ-साथ शेष विश्व के साथ एशिया के बेहतर समन्वय हेतु संभावनाओं एवं अवसरों की तलाश करना है। व्यापक अंतर्राष्ट्रीय नीतिगत मामलों पर चर्चा करने के लिये नीतिगत, व्यापार, मीडिया और नागरिक समाज के वैश्विक नेताओं को प्रति वर्ष रायसीना डायलॉग में आमंत्रित किया जाता है।
  • अहम हिस्सेदारों में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरानी जावेद जरीफ के अलावा यूरोप, साउथ अफ्रीका, तनजानिया जैसे देश भी शामिल हैं।
  • इस बार किसी सरकार के मुखिया मौजूद नहीं रहेंगे।ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन आने वाले थे, लेकिन उन्होंने देश के जंगलों में आग की वजह सेफैसला बदल लिया है।
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