What is a Drone ?Unmanned Aerial Vehicle- UAV

UAV Full Form

  • UAV Full Form in english - Unmanned Aerial Vehicle-UAV
  • UAV Full Form in हिंदी - मानव रहित विमान

DGCA Full Form

  • DGCA Full Form in english - Directorate General of Civil Aviation
  • DGCA Full Form in हिंदी - नगर विमानन महानिदेशालय

what is a drone?(ड्रोन क्या होता हैं ?)

  • ड्रोन एक प्रकार का फ्लाइंग रोबोट (Flying Robot) होता है, जिसे मनुष्यों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इसकी खोज मनुष्यों ने अपने दैनिक कार्यों के संपादन के लिये की थी, परंतु वर्तमान में इसका प्रयोग खुफिया जानकारी प्राप्त करने हेतु भी काफी व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।
  • ड्रोन को मानव रहित विमान (Unmanned Aerial Vehicle-UAV) भी कहा जाता है।
  • इसका प्रयोग सामान्यतः ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जहाँ मनुष्य आसानी से नहीं पहुँच सकते।

Types of drones(ड्रोन के प्रकार)

  • नगर विमानन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation-DGCA) ने ड्रोन के मुख्यतः 5 प्रकार निर्धारित किये हैं (1) नैनो (2) माइक्रो (3) स्मॉल (4) मीडियम और (5) लार्ज।
  1. नैनो ड्रोन : वे ड्रोन जिनका वज़न 250 ग्राम तक होता है।
  2. माइक्रो ड्रोन: वे ड्रोन जिनका वज़न 250 ग्राम से अधिक लेकिन 2 किलो ग्राम से कम होता है।
  3. स्मॉल ड्रोन: वे ड्रोन जिनका वज़न 2 ग्राम किलो से अधिक लेकिन 25 किलो ग्राम से कम होता है।
  4. मीडियम ड्रोन: वे ड्रोन जिनका वज़न 25 किलो ग्राम से अधिक लेकिन 150 किलो ग्राम से कम होता है।
  5. लार्ज ड्रोन: वे ड्रोन जिनका वज़न 150 किलो ग्राम से अधिक होता है।

  • नैनो ड्रोन के अतिरिक्त अन्य सभी ड्रोन को विमानन नियामक (Aviation Regulator) से विशिष्ट पहचान संख्या (Unique Identification Number-UIN) प्राप्त करना आवश्यक होता है। साथ ही यह भी आवश्यक है कि विशिष्ट पहचान संख्या ड्रोन पर प्रदर्शित हो।
  • भारत में UIN सिर्फ भारतीय नागरिकों के लिये ही होता है एवं यह विदेशी नागरिकों को जारी नहीं किया जाता।

क्या होता है नो फ्लाई ज़ोन (No Fly Zones)

  • नो फ्लाई ज़ोन (No Fly Zones) सामान्यतः वह क्षेत्र होता है जहाँ किसी भी प्रकार के विमान को उड़ाने की अनुमति नहीं होती है।
  • नो फ्लाई ज़ोन के संबंध में DGCA ने निम्नलिखित क्षेत्र निर्धारित किये हैं:
  • मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बंगलूरू और हैदराबाद के उच्च यातायात हवाई अड्डों की परिधि से 5 किमी. तक का क्षेत्र।
  • देश के अन्य हवाई अड्डों के लिये यह 3 किमी. तक का क्षेत्र है।
  • कोई भी ड्रोन अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं (नियंत्रण रेखा और वास्तविक नियंत्रण रेखा सहित) के 25 किमी. के भीतर नहीं उड़ाया जा सकता है।
  • नई दिल्ली के विजय चौक से 5 किमी. तक का दायरा।
  • गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित रणनीतिक स्थानों से 2 किमी. के भीतर भी ड्रोन नहीं उड़ाया जा सकता है।
  • राज्य की राजधानियों में सचिवालय परिसर के 3 किमी. के दायरे में भी ड्रोन उड़ाना निषेध है।

भारत की ड्रोन नीति (Drone Policy)

  • भारत में ड्रोन का चलन जिस प्रकार बढ़ रहा था उसे देखते हुए 1 दिसंबर, 2018 को संपूर्ण भारत में ड्रोन नीति (Drone Policy) लागू की गई थी।
  • इस नीति में यह निर्धारित किया गया था कि कोई भी व्यक्ति 18 वर्ष की उम्र से पहले ड्रोन नहीं उड़ा सकता है, साथ ही यह भी आवश्यक है कि उसने दसवीं क्लास तक पढ़ाई की हो और उसे ड्रोन से संबंधित बुनियादी चीज़ों की जानकारी हो।

Drone No Fly Zones

  • नीति ने ड्रोन उड़ाने संबंधी निम्नलिखित ज़ोन निर्धारित किये थे:
  1. रेड ज़ोन उड़ान की अनुमति नहीं
  2. येलो ज़ोन नियंत्रित हवाई क्षेत्र - उड़ान से पहले अनुमति लेना आवश्यक
  3. ग्रीन ज़ोन अनियंत्रित हवाई क्षेत्र - स्वचालित अनुमति

नो ड्रोन ज़ोन कुछ विशेष जगहों पर ड्रोन संचालन की अनुमति नहीं
ड्रोन नीति में कृषि, स्वास्थ्य, आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में ड्रोन का वाणिज्यिक इस्तेमाल 1 दिसंबर, 2018 से प्रभावी हो गया था, लेकिन खाद्य सामग्री समेत अन्य वस्तुओं की आपूर्ति के लिये अनुमति नहीं दी गई थी।
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